छोटी सी ठंडी एक कविता
आज ठण्ड और कोहरा इतना ज्यादा है की पोस्ट लिखना तो दूर पोस्ट पढना भी मुश्किल हो रहा है.
शुक्र है एक छोटी सी कविता पढने को मिली, तो मैंने भी आज एक छोटी कविता कह दी. सुबह देर तक बंद रहे किवाड़ ठण्ड में सूरज जो नहीं निकला -सुलभ...
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सुलभ सतरंगी
कविता विविध
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[04 Jan 2010 04:30 AM]



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