उर्दू है जिसका नाम, हमीं जानते हैं दाग...सारे जहां में धूम हमारी ज़बां की है।
कभी उर्दू की धूम सारे जहां में हुआ करती थी, दक्षिण एशिया का बेहतरीन साहित्य इसी भाषा में लिखा जाता था और उर्दू जानना पढ़े लिखे होने का सबूत माना जाता था। अब वह बात नही है। राजनीति के थपेड़ों को बरदाश्त करती भारत की यह भाषा आजकल अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़...
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हरनाम
उर्दू
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[04 Jan 2010 03:03 AM]



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