अब यह चुप्पी तोड़ दो

दिशाएं तुम से किसने कहा- तुम चुप रहो.... अपने को संभालो मत ऐसे बहो। तुम्हारा चुप रहना ही कमजोर बनाता है। दूसरो की हिम्मत बढ़ाता है। जरा अपनी तरफ देखो- तुम भी ठीक वैसे ही हो जैसा वह है.. फिर किस बात का भय है ? बस! गलत का साथ इस लिए मत दो.. क्योकि वह वही है जो तुम... [पूरी पोस्ट]
writer परमजीत बाली

परमजीत बाली

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[03 Jan 2010 01:25 AM]

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