गीतिका: तितलियाँ --संजीव 'सलिल'

संजीव  सलिल  की  रचनाएँ गीतिका तितलियाँ संजीव 'सलिल' *यादों की बारात तितलियाँ.कुदरत की सौगात तितलियाँ..बिरले जिनके कद्रदान हैं.दर्द भरे नग्मात तितलियाँ..नाच रहीं हैं ये बिटियों सीशोख-जवां ज़ज्बात तितलियाँ..बद से बदतर होते जाते.जो, हैं वे हालात तितलियाँ..कली-कली का रस लेती... [पूरी पोस्ट]
writer आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'

muktika

views
23
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
2
[02 Jan 2010 23:45 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix