पुनः चिंतन

Arshad ke man se........ आज शर्मा जी चाय की दुकान पर नहीं आये .कल हीं बतला रहे थे की बेटी के ससुराल जाना है,शादी को एक वर्ष भी नहीं गुजरा और लेन-देन को लेकर ससुराल वालों की प्रताड़ना शुरू हो गयी.शायद कुछ समझौता करना पड़े.कोई रास्ता तो निकलना होग अन्यथा बेटी को कुछ दिनों के लिए... [पूरी पोस्ट]
writer Arshad Ali
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[22 Dec 2009 04:52 AM]

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