शब्दों के चित्र

Arshad ke man se........ जो चाहता था हुआ नहीं.जो हुआ पर्याप्त नहीं आशा निराशा की इस गुत्थम-गुत्थी में जित किसी की नहीं मानसिक लड़ाइयों में अंत की कामना करते हीं स्थितियां नयी लड़ाई की पृष्ठ भूमि तैयार करता गया कभी हार कभी जित चक्र बस चलता गया ..........शब्दों का रंग कागज पर... [पूरी पोस्ट]
writer Arshad Ali
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[25 Dec 2009 01:23 AM]

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