जीवन की त्रासदी से रू-ब-रू कराती गजलें
-डॉ. अशोक प्रियरंजनमौजूदा दौर की सामाजिक, राजनीतिक विसंगतियों, आम आदमी की संवेदना, दलित जीवन की त्रासदी, मानवीयता के क्षरण से उपजी स्थितियों को डॉ. राम गोपाल भारतीय ने अपने गजल संग्रह 'हाशिए के लोगÓ में बड़े प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया है। समाज के...
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dr ashok kumar mishra
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[02 Jan 2010 07:58 AM]



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