एक प्यारी से सुबह से शुरू है

अभिव्यक्ति एक प्यारी से सुबह से शुरू हैज़िन्दगी नये साल की तरहजन्म जन्म पल रंग बदलती हैदिन और रात की तरहइसके भी मौसम चार हैसर्दी , गर्मी, मानसून और बरसात की तरहहर दिन एक पन्ना है ......धूप - छाव की तरहहर पल कुछ सीखता हैमाँ - बाप की तरहहर लम्हा गुज़र जाता हैशरीर से... [पूरी पोस्ट]
writer gargi gupta

kavita

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[02 Jan 2010 00:21 AM]

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