सायास ही किसी का रुदन नहीं होता......

कलरव सायास ही किसी का रुदन नहीं होता , वेदना जब असीम हो जाय सब कुछ धरा का धरा  रह जाता  है चाहे वह कोई खुशी हो , त्यौहार हो या नव वर्ष ...!  कल एक ओर सारे लोग नूतन वर्षाभिनन्दन में मग्न थे और पास में ही पड़ोसन का बेटा गुम हो गया । माहौल अफरातफरी... [पूरी पोस्ट]
writer हेमन्त कुमार

प्रसंगवश

views
16
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
6
[01 Jan 2010 19:49 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix