पंचों ने सुनाया राक्षसी फरमान…
‘‘जुम्मन शेख के मन में सरपंच का उच्च स्थान ग्रहण करते ही अपनी जिम्मेदारी का भाव पैदा हुआ । सोचा-मैं इस वक्त न्याय और धर्म के सर्वोच्च आसन पर बैठा हूँ । पंचों की जुबान से जो बात निकलती है-वह खुदा की तरफ से निकलती है । देवों की वाणी में मेरे...
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अशोक कुमार
आई.पी.एस.
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[01 Jan 2010 18:45 PM]



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