चुप्पी
हम तब भी नहीं बोले थेजब एक टीचर नेबुलाया था उसे स्टाफ़रूम मेंअकेलेऔर कुत्सित मानसिकता सेसहलायी थी उसकी पीठडरी-सहमी वहरोती रहीसिसकती रही...हम तब भी नहीं बोलेजब बीच युनिवर्सिटी मेंखींचा गया थाउसका दुपट्टाऔर वहहाथों से सीने को ढँकेलौटी हॉस्टलफिर वापस...
[पूरी पोस्ट]
mukti
आवाज़
69
8
0
8
14
[01 Jan 2010 14:24 PM]



Shuffle








