दिल का रोना ठीक नहीं
दिल का रोना ठीक नहीं है, मुंह को कलेजा आने दोथमते थमते अश्क थमेंगे,नासेह को समझाने दोकहते ही कहते हाल कहेंगे,ऐसी तुम्हें क्या जल्दी हैदिल को ठिकाने होने दो,और आप में हमको आने दोखु़द से गिरेबां फटते थे,अक्सर चाक हवा में उड़ते थेअब के जुनूं को होश नहीं...
[पूरी पोस्ट]
A.U.SIDDIQUI
ग़ज़ल
10
0
0
0
0
[18 Nov 2009 05:17 AM]



Shuffle








