हाय! मैं शादी में कब जाऊँगी!

Rag Darbari पण्डित विष्णु शर्मा ने पंचतंत्र के सारे पात्रों को कंवारा ही रहने दिया। बरसों तक वे सब के सब एक कहानी से दूसरी कहानी में कंवारे घूमते रहे। इससे जंगल की जिंदगी बहुत बोरियत भरी हो गई। एक दिन मंत्री करटक ने महाराज पिंगलक को सुझाव दिया–‘महाराज! पण्डित विष्णु... [पूरी पोस्ट]
writer Mohanlal Gupta

satire

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[01 Jan 2010 07:29 AM]

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