लेखा-जोखा

aatm-manthan  लेखा-जोखा फिर नए साल ने दस्तक दी है,सर्द झोंको ने भी कसकर दी है.अपनी तकदीर हमें लिखना है,कोरे सफ्हात की पुस्तक दी है.बा मुरादों ने दुआए दी तो,ना मुरादों ने छक कर पी है.'तेल-आंगन' से न निकला फिर भी, हाद्सातों ने तो  करवट ली है.बर्फ की तरह... [पूरी पोस्ट]
writer Mansoor Ali

assesment

views
25
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
2
[31 Dec 2009 22:30 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix