नया साल जीवन में सुख ले के आए : यही है ग़ज़ल की कक्षा की तरफ से सबके लिये कामना । आज ही से प्रारंभ हो रहा है ग़ज़ल की तकनीक पर आधारित ब्लाग ग़ज़ल का
आप लोग हैरत में पड़ रहे होंगें कि ये अचानक मिसरा बदला हुआ क्यों आ रहा है । दरअसल में मिसरा तो वही है किन्तु नये साल के लिये उसे थोड़ा बदल कर कह रहा हूं । उसके पीछे एक कारण ये है कि कल ही शार्दूला दीदी का मेल मिला जिसमें उन्होंने कहा है...
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पंकज सुबीर
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[31 Dec 2009 22:10 PM]



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