किसिम किसिम के गोठ अऊ...... भोभला बर चना चबेना
संगी हो जय जोहार,में हाँ दू चार दिन पहिले ये बुलाग के सेवा ले हवं. एखर ले पहिले में हाँ नई जानत रहेवं काला बलाग कथे, जानेवं ता महूँ हाँ अपन गोठियाये के खजरी ला मेटाए बर ये दे बूता ला कर डारेवं, मोर डिमाग ले बुलाग के बूता हाँ बुलाग कम, बुलक दे जियादा...
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ललित शर्मा
बियंग
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[22 Sep 2009 11:16 AM]



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