एक शब्द

GORAKHH अचानक कुछ डबडबाया हैआंख की कोर पेइशारा पाते ही पलकों काफूट पड़ेगा वहहोठों को तर करतागले के किनारों सेकहीं अटक गया हैकिसी पल के लिएहलक के बीचो-बीचबिना बूंद काएक शब्द!... [पूरी पोस्ट]
writer Gopal Singh

कुछ शब्द जैसे मैं......

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[01 Sep 2009 05:05 AM]

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