रहनुमाई के इंतजार में गांधी

GORAKHH मार्च 1948। स्थान सेवाग्राम। गांधीजी जी हत्या के कुल छः हफ्तों बाद सेवाग्राम में नेहरू, प्रसाद, आज़ाद, विनोबा, कृपलानी, जे पी और कुमारप्पा सहित वे सभी राजनेता, अर्थशास्त्री और दार्शनिक अपने सूने दिलों और भटकते दिमागों के साथ जमा हुए जो गांधीजी के अचानक... [पूरी पोस्ट]
writer Gopal Singh

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[19 Sep 2009 06:35 AM]

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