भारत माता की बिंदी हु. मै हिंदी हू

MaHa-PrEm      महाप्रेम हॉ मै हिंदी हू ,हिंदी हू ,हिंदी हू ,भारत माता की बिंदी हु.मै हिंदी हू.यह न पूछो के हाल मेरा कैसा है.अपनों के बिच पराये जैसा है.मिया मिट्टू भला कोई अपने मुंह बनता है.अपनी दही कों कोई खट्टी नहीं कहता है.अपना सा मुंह लेकर रह... [पूरी पोस्ट]
writer HEY PRABHU YEH TERA PATH

कविता

views
12
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[14 Sep 2009 08:11 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix