चलना जरा संभल कर....

SUBHASH GUPTA  KI  DIARY पत्रकारिता की राह इतनी आसान नहीं है, जितनी दूर से नजर आती है। तमाम लोगों को दूर से लुभाने वाले ग्लैमर के पीछे छुपे वे कांटे और तपस्या सहज ही नजर नहीं आती, जिससे तपकर सही मायनों में कोई पत्रकार बनता है। हर पत्रकार को अक्सर खबरों के सूत्र ऐसे लोगों से... [पूरी पोस्ट]
writer SUBHASH GUPTA
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[05 Sep 2009 11:17 AM]

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