बड़े बड़े अखबारों में ऐसी छोटी छोटी बातें...
अब हिन्दुस्तान की बारी है और पूरी तैयारी है ? नहीं जी ,कहां है पूरी तैयारी? यहां तो आलम यह है कि एक तरफ विज्ञापन छपने के बावज़ूद धार्मिक / आध्यात्मिक गुरुओं के नामों में भी भयंकर लापरवाही. एक नज़ारा प्रस्तुत है इस राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक के दो अंकों...
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अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
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[05 Sep 2009 10:11 AM]



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