फौजी ताऊ की चौपाल में कविताई

एक लोहार की आज शाम नै फेर ताऊ की चौपाल जम गयी पर ताऊ नै आया,सबने चिंता होने लग गयी के ताऊ गया तो गया कहाँ ,बनवारी बोल्या-रमलू आज ताऊ नहीं आया मन्ने हुक्का भी सिलगा लिया चिलम भी भर लाया,रमलू बोल्या गया होगा कहीं काम से आ जायेगा, रामेषर बोल्या -रमलू जा पूछ के आ के ताऊ... [पूरी पोस्ट]
writer ललित शर्मा

कविता

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[17 Sep 2009 13:04 PM]

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