मेरे सपने ....

मास्टरनी-नामा हर आवाज़ पे मचल जाते हैं हर आहट पे सिमट जाते हैं मेरे सपने भी फुटपाथ के बच्चों से हैं कोई प्यार का टुकडा फेंके तो क़दमों से लिपट जाते हैं... [पूरी पोस्ट]
writer Shefali Pande
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[02 Sep 2009 13:16 PM]

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