बहुत दिन हुआ न तेरी याद आई ,

shuruwat बहुत दिन हुआ न तेरी याद आई ,न कोई बात हुई ,न कोई ख़बर आई .एक दिन अचानक जीवन के अच्छे दिन पलटते ,एक धुंधली होती तेरी तस्वीर सामने लाई ,पहले एक खिलखिलाती हँसी का फव्वारा ,फिर गुस्से का सैलाब लाई .बहुत दिन हुआ न तेरी याद आई .बहुत वादे किए थे हमने न भूलने... [पूरी पोस्ट]
writer mere shabd
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[10 Sep 2009 10:58 AM]

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