सन्नाटो में सरगम

Ishwar में तुमको विश्वास दू तुम मुझको विश्वास दोशंकाओ के सागर हम लाँघ जाएँगे, मरुधरा को मिलकर स्वर्ग बनाएँगेप्रेम बिना यह जीवन तो अनजाना हें,सब अपने हें कौन यहाँ बेगाना हेंहर पल अपना अर्थवान हो जाएगा,बस थोड़ा सा मन में प्यार जगाना हेंइस जीवन को साज दो मौन नही... [पूरी पोस्ट]
writer Ishwar

meri pasand

views
10
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[19 Aug 2009 06:39 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix