एक पाती

फ़लसफा : ज़िंदगी का कलमों की नोंकें टेढ़ी हो जाती हैंआपके व्यवहार की शिष्टता लिखते हुएऔर जुबान तालू से चिपक जाती हैआपके सिद्धांतों की परिपुष्टता के आगेइसलिए कभी साहस नहीं जुटा पाताआपका गुणगान करने कापर आज मेरे हाथ फड़फड़ा रहे हैंऔर मस्तिष्क उद्वेलित हो उठा हैअब आपका महिमा... [पूरी पोस्ट]
writer धीर.
views
13
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[13 Sep 2009 17:00 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix