ओम नम: शिवाय उद्धोष बस रवाना : दूसरा दिन
कैलाश की ओर पाण्डव स्वर्ग मार्ग से - 20.07.2008 श्रावण बदी 2 रविवारसबेरे 5.10 बजे रवाना होने के हिसाब से प्रात: 4.10 बजे नींद खुल गई। मेरे दोनों साथी भी जाग चुके थे। बेड टी के साथ चाय वाले ने दरवाजा खटखटा। हमने उनसे चाय ली और पीकर बारी-बारी से नित्यकर्म...
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डी.पी.तिवारी .... D.P.Tiwari
कैलाश मानसरोवर
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[23 Aug 2009 21:35 PM]



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