माँ के गौरवशाली रूप को मत भूलिए

श्री सत्यनारायण भटनागर जी का पन्ना भारतीय संस्कृति में माँ का बड़ा उँचा और प्यारा स्थान है। यह एक ऐसा सम्बन्ध है जिसके आस पास बाकी सारे रिश्ते रहते है। पिता का रिश्ता भी माँ के बाद आता है, कहते है माता-पिता। माँ का बड़ा विराट रूप है हमारे शास्त्रों में, इसलिए वह सर्वाधिक पूजनीय है। माँ हरेक... [पूरी पोस्ट]
writer सत्यनारायण भटनागर
views
8
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[27 Sep 2009 22:50 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix