अब तो रूक के देख लो
अब तो रूक के देख लो फांसला जो तय किया किससे तुमने क्या लिया , किसको तुमने क्या दिया चले कुछ दूर फिर भी , आज तक जो साथ है और साथ चल कर भी आज तक जो दूर हैं उस प्यार पर अधिकार था , और वह अहसान था फिर भी उसका बदला हमने एक सा ही...
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विपिन बिहारी गोयल
कविता
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[09 Sep 2009 14:11 PM]



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