ऐसा सिर्फ मेरे साथ क्यों होता है

मेरी रचनाऍ ऐसा सिर्फ वृक्षों के साथ क्यों होता है  कि वो अचानक पर्णविहिन हो फूलों से लद लाते है  अपनी सार्थकता का अहसास कितना भला लगता होगा उन्हें जब हमारी आँखें बरबस ही उन पर ठहर जाती हैं ऐसा सिर्फ बहुत ऊँचें पर्वतों के साथ क्यों... [पूरी पोस्ट]
writer विपिन बिहारी गोयल

कविता

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[12 Sep 2009 22:33 PM]

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