मुल्क से पहचान अपनी, है वतन ये जान अपनी,
मुल्क से पहचान अपनी,है वतन ये जान अपनी,मजहबों को भूल जाएँ,बस ज़मीं हो प्राण अपनी..आओ ये निश्चय करें हम,साथ ही मिलकर रहें हम,हो अमन ही धर्म अपना,प्रेम से बंधकर चलें हम,हिन्दू ना कोई, सिख कोई ना,और ना कोई जात अपनी,मुल्क से पहचान अपनी..है वतन ये जान...
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राहुल कुमार
गीत
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[10 Oct 2009 04:31 AM]



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