नन्ही मुस्कुराहट

Ladli तारो की पोटली,खुलकर गिरी कही.. जब मिली तो एक तारा कम था,मद्धम रोशनी में, ज़मीन पर देखा तो एक नन्ही मुस्कुराहट उंगली थाम के चली आई आँगन में.. खिलखिलाती रहती है अब गालो पे हमारे.. और मुड़ कर देखती है पीछे... जब भी प्यार सेकोई कहता है... लवी... हमारी बिटिया... [पूरी पोस्ट]
writer sada

लाडली के लिये कविता

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[10 Aug 2009 03:43 AM]

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