बच गई मेरी लाडो बुरी नजर से ...

Ladli तेरी नन्‍हीं आंखों के सपने, मेरी आंखों में बसते हैं, है मेरी हर दुआ तेरे लिए मुस्‍कान तेरी, आंसू मेरे रोज जाने कितने जतन करती हर जगह तेरी खुशियां ढूंढती हूं सजाती हूं ख्‍वाब आंखों ही आंखो हर आने वाले पल में तू जब खुश होकर हंसने लगती नजर तुझको लग न जाये... [पूरी पोस्ट]
writer sada

कविता

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[18 Aug 2009 01:03 AM]

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