कविता .......कोई लोरी ममता भरी

Ladli पाकर तुझको खुश है आज मां इतनी गुनगुना रही कोई लोरी ममता भरी चांदनी भी चांद तारों के संग जगमगा के बिखेरती रौशनी मद्धम सी आ जाए निंदिया नींद से बोझिल नयनों में झूला तेरा झुलाती पवन आती जाती तेरे चेहरे पे आती जब मुस्‍कान उसको सारी दुनिया की खुशियां मिल जाती... [पूरी पोस्ट]
writer sada
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[28 Aug 2009 01:31 AM]

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