बेटी मन का गहना हो ...
ऐसे मन को तुम संबल देना पूरे मन से, जिसके आंगन में बेटी मन का गहना हो । रीत निभाते जीवन की करके कन्यादान कैसे, पूछो उस बाबुल से जिसके मन को सहना हो । आंखों में आंसू होते चेहरे पर संतोष की छाया, जब विदाई के पल में इन अश्कों का बहना हो । नाजों पली वो...
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sada
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[07 Sep 2009 01:20 AM]



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