विद्यापति गीत

Kohbar कवि कोकिल विद्यापतिगौरा तोर अंगना।बर अजगुत देखल तोर अंगना।एक दिस बाघ सिंह करे हुलना ।दोसर बरद छैन्ह सेहो बौना।।हे गौरा तोर ................... ।पैंच उधार माँगे गेलौं अंगना ।सम्पति मध्य देखल भांग घोटना ।।हे गौरा तोर ................ ।खेती न पथारि शिव गुजर... [पूरी पोस्ट]
writer Kusum Thakur

नचारी

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[12 Aug 2009 07:34 AM]

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