भगवतीक गीत

Kohbar भगवतीक गीतजगदम्ब अहिं अवलम्ब हमरहे माय अहाँ बिनु आस ककर । ....२जँ माय हमर दुःख नय सुनबयत जाय कहु ककरा कहबयअछि पुत्र अहिंक बनल टुगरहे माय अहाँ बिनु आस ककरजगदम्ब अहिं .................. ।हम भरि जग सँ ठुकरायल छीमाँ अहिंक शरण में आयल छी ।अछि बीच भ्रमर में... [पूरी पोस्ट]
writer Kusum Thakur

भगवतीक गीत

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[23 Sep 2009 11:59 AM]

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