चाहत
वक्त-बेवक्त याद आया न करो, ख़ुद याद न करो,तो सताया न करो |मेरी बेचैनियों का अगर तुझे अहसास नही ,तो मेरी रातों की नींदे चुराया न करो||तुझे नही है अगर मेरी चाहत पर भरोसा,तो नजरो से तीर चलाया न करो|मुझे रहने दो खुश!!मेरे ख्वाबो के महलो मे,इन्हे ताश के पत्तो...
[पूरी पोस्ट]
आमिर खान "तन्मय"
3
0
0
0
0
[23 Jul 2009 15:52 PM]



Shuffle







