वो नज़रों से मेरी नज़र काटता है

QALAM E SHAIR वो नज़रों से मेरी नज़र काटता हैमुहब्बत का पहला असर काटता हैमुझे घर मैं भी चैन पड़ता नही थासफ़र में हूँ अब तो सफ़र काटता हैये माँ की दुआएं हिफाज़त करेंगीये ताबीज़ सब की नज़र काटता हैये फिरका-परसती ये नफ़रत की आंधीपड़ोसी, पड़ोसी का सर काटता हैतुम्हारी जफा पे... [पूरी पोस्ट]
writer JATINDER PARWAAZ

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[24 Jul 2009 03:50 AM]

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