पवनसुत हनुमान

नानकदुखिया भगवान की कृपा से मुझे हनुमानजी के अनेक स्वरूपों के दर्शन करने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इन विविध रूपों में कहीं तो पवनसुत स्वप्रकटित शिलाकार में हैं तो कहीं संगमरमर में उकरी छवि के रूप में, कहीं वे मोटे हनुमान जी बनकर प्रतिष्ठित हैं तो कहीं एक ही... [पूरी पोस्ट]
writer Nanak

भक्तिरस

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[06 Aug 2009 02:12 AM]

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