मुझे आज मेरा वतन याद आया

रज़िया मिर्ज़ा मेरे ख्वाब में आके किसने जगाया। मुझे आज मेरा वतन याद आया। जो भुले थे वो आज फिर याद आया। मुझे आज म्रेरा वतन याद आया। वो गांवों के खेतों के पीपल के नीचे। वो नदीया किनारे के मंदिर के पीछे। वो खोया हुआ अपनापन याद आया। मुझे आज मेरा वतन याद आया। वो सखियों... [पूरी पोस्ट]
writer रज़िया "राज़"
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[19 Aug 2009 01:32 AM]

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