"तेरी गवाही"....
तेरी गवाही हमें आनेवाले एक नये दिन का संदेश देती है।तेरी गवाही के लिये हमलोग तुझे ढूंढते रहते हैं आसमान में।पर तूं है कि .......छूप जाता है कभी बादलों में। कभी पेडों के पीछे, हर नये महिने की शुरुआत, तेरी गवाही के बिना मंज़ूर नहिं।आज भी इंतेज़ार है रोज़दारों...
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रज़िया "राज़"
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[20 Sep 2009 08:02 AM]



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