मुहब्बत हूँ

हया मेरे दिल पर किसी की भी हुकूमत चल नहीं सकती मुहब्बत हूँ मेरे आँचल में नफ़रत पल नहीं सकती करोगे इश्क़ नफ़रत से तो धोखा खाओगे इक दिन मुहब्बत नाम की औरत कभी भी छल नहीं सकती उन्हें हिंसा गवारा है, हमें इंसान प्यारा है कभी इंसानियत खूनी सड़क पर चल नहीं सकती... [पूरी पोस्ट]
writer लता 'हया'
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[08 Sep 2009 05:13 AM]

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