दो हज़ार में घर का खर्च कैसे चलाउं...

मेरी डायरी के पन्ने... दो हज़ार रुपए में क्या होता है...ये सुनकर मैं ठिठका...आवाज़ जानी -पहचानी लगी तो ...धीरे से पलटा...वो खड़ी थीं... अपनी सास के साथ...अपने मोहल्ले के भोलू की ब्याहता...शादी के करीब ७ साल बाद...अपने दो बच्चों का हाथ थामे...वही सवाल फिर से किया अपनी सास... [पूरी पोस्ट]
writer हेमन्त वशिष्ठ
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[15 Aug 2009 01:27 AM]

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