क्या होगा !!!

अंतर्द्वंद का आइना मंजिल-मंजिल सोच रहा था,कदम-कदम पर खोज रहा था,मिला नही जवाब कोई...मैं आज तकतड़प-तड़प कर मर रहा था!पूछता था हर कोईक्या हुआ है, बता तू?उनसे डर कर,सोच-सोच करमैं ये दिल से पूछ रहा था-नसीब में मेरे क्या लिखा थाये मैं नहीं जानता था!आगे क्या होगा मेराये मैं नहीं... [पूरी पोस्ट]
writer V. VIVEK

v.vivek

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[26 Sep 2009 07:50 AM]

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