ऋता शुक्ल की कहानियों में सामाजिक जीवन
ऋता शुक्ल की रचनाओं में तिवारीपुर का परिवेश दीखता है. किसी भी रचनाकार के लिए परिवेश से कटकर रहना संभव नहीं होता . अतः ऋता शुक्ल ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से अपने परिवेश में निहित व्यष्टिगत एवं समष्टिगत समस्याओं को उकेरा है और जनमानस को सोचने के लिए...
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गुर्रमकोंडा नीरजा
पुस्तक
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[24 Sep 2009 05:47 AM]



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