व्यंग्यजल - इतना पैसा कहाँ से आया नेताजी
हमें नहीं क्यों ये बतलाया नेताजीइतना पैसा कहाँ से आया नेताजीनोट छापने की मशीन लगवायी हैया घर में चकला चलवाया नेताजीहमने तो तुमको संसद में भेजा थामगर वहाँ तू नजर न आया नेताजीजनता ने अपनी आवाज तुझे सोंपीतू ने जब तब हाथ उठाया नेताजीकहता रहता था कि भूख नहीं...
[पूरी पोस्ट]
वीरेन्द्र जैन
व्यंग्यजल
5
0
0
0
0
[02 Sep 2009 13:24 PM]



Shuffle








