स्वागत गीत : नववर्ष तुम्हारा अभिनन्दन ......

गीत  ग़ज़ल  औ गीतिका हे आशाओं के प्रथम दूत ! नव-वर्ष तुम्हारा अभिनन्दन सौभाग्य हमारा है इतना इस संधि-काल के साक्षी हैं जो बीता जैसा भी बीता पर स्वर्ण-काल आकांक्षी है यह भारत भूमि हमारी भगवन! हो जाए कानन-नंदन नव-वर्ष तुम्हारा............ ले आशाओं की प्रथम किरण हम करें नए... [पूरी पोस्ट]
writer आनन्द पाठक

गीत

views
14
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
5
[31 Dec 2009 01:07 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix