--- सुरूर छाता है ! ! ( रोटी ने तवे से जो कहा मैंने सुना)

TRUTH (Collection of my poems) *रोटी ने तवे से कहातुम्हारा अस्तित्व तोबहुत करामाती हैतुम्हारी आँच मुझको तोबहुत भाती हैतुम्हारे वजूद नेमुझको सपन दिया हैसच कहूँ तोएक मीठी सी तपन दिया हैतवा बोलापर ये आग मेरा नहीं हैमैं तो महज़ वाहक हूँतुम्हारे और चूल्हे के बीचमैं तो नाहक़ हूँचीत्कार कर उठी... [पूरी पोस्ट]
writer M VERMA

कविता

views
7
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[09 Aug 2009 03:04 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix