अब तेंदुओं की बारी .............
क्या भाई फैज़ कहाँ थे आज कल कोई नई पोस्ट नही आ रही थी तुम्हारी कहाँ थे तुम ? अरे कही नही यार रमजान चल रहा है न मौका नही मिल रहा था । जनता है फैज़ आज कल लोग शेर के साथ साथ तेंदुओं को भी नही छोड़ रहे है । वन्यजीव पर काम कर रही गै़र सरकारी संस्था...
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Saiyed Faiz Hasnain
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[13 Sep 2009 05:13 AM]



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